Sunday, 24 April 2011

यह भी हमारी भाषा है



भारत में जितनी भी लोक भाषा है, उनमे भोजपुरी लगभग अकेली ऐसी भाषा है, जिसके बोलने वालो की संख्या अपेशाकृत सबसे अधिक है. यही कारण है की भोजपुरी छेत्रिया भाषा होकर भी अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय महत्वा रखती है. इसका मूल कारण यह है की  इसके बोलने वाले लोग पूरी दुनिया में छाए हुए है. यह बात अलग है की इतनी महत्वपूर्ण लोक भाषा को अब तक वह स्थान नही मिला सका , जो मिलना चाहिए था. इस भाषा के सम्बन्ध में खास बात यह है की इसमें गहरी लोक चेतना है. इसकी महत्ता इस बात से भी आंकी जा सकती है की इस भाषा के पहले कवी कबीर दास जी है.

Tuesday, 19 April 2011

जिम्मेदार कौन

मौसम में आ रहे इन बदलावों की जानकारी, प्रभाव और उससे निबटने को लेकर जो रिपोर्ट अभी तक आई है, उसे गंभीरता से लेने की जरुरत है. ग्लोबल वार्मिंग को लेकर हमारी जानकारिय तो काफी बढ़ी है, फिर भी अपेषित जागरूकता न तो शासकीय स्तर पर है और न ही आम लोगो में  चेतना आई है. विभिन्न देशों के शीर्ष राजनैतिक स्तर पर तो इसे लेकर हमेशा ही कहा जाता रहा है की हम इसमें सबसे ज्यदा जागरूक है. पर यह भी एक सच्चाई है की विकसित देश ही पर्यावरण को बिगड़ने के लिए और सब देशो से कई गुना ज्यदा जिम्मेदार है.

Sunday, 17 April 2011

अब तो जागो

बढता विकास ही मनुष्य को विनाश के गाकर पर ले आया है. इसकी आहट अभी से महसूस की जा रही है. वज्ञानिक कई वर्षो से इसका अनुमान लगा रहे थे की लगातार कटते जंगल और बड़ते मकानों की उचाई एक दिन ऐसे ही हालत लाएगी. लेकिन मनुष्य अपने स्वार्थ और कागजी विकाश के नाम पर प्रक्रति के साथ ही खेल खेल रहा था जिसका परिडाम प्रक्रति मनुष्य के साथ ही खेल कर पूरा कर रही है .

Saturday, 9 April 2011

ek raat

मै आप सब से एक कहानी शेयर करता हु वैसे ये मेरे दोस्त क साथ सच में हुआ था .
बात बहुत पहले की है, मेरा दोस्त(राहुल) अपने गाँव में गया बहुत दिनों के बाद कुछ नहीं तो करीब १० साल के बाद गया. वो अपने गाँव शाम ६ बजे करीब पंहुचा उसके घर वालो ने उसका अच्छे से स्वागत किया. रात को जब राहुल खाना खा क सोने के लिए चत पर गया. chat पर वह अकेले सो रहा था करीब रात १ बजे देखा की उसका १० साल पहेले का एक दोस्त(टिंकू) uske पास आया हुआ है, वो अपने १० साल पुराने दोस्त को देख कर बहुत खुस था. उसका दोस्त भी खुश था. दोनों ने बैठ कर अपनी पुराणी यादें taaza की. फिर कुछ देर बाद टिंकू ने बहार घुमने के लिए कहा, पहले तो राहुल को अजीब लगा की इतनी रात में कहा घुमने जायेंगे पर बाद में वो राजी हो गया और दोनों रात के १:३० बजे घर क बहार घुमने चल दिए. दोनों बात करते करते गाँव के एक नदी कइ किनारे पहुचे. टिंकू ने कहा की चलो नदी में नहाते है तो राहुल ने कहा पागल हो क्या इतनी रात में नदी में कोई नहाता है क्या पर इतने में टिंकू नदी में कूद गया राहुल ने ये देखा की उश्का दोस्त टिंकू नदी में कूद कर दोब्ने लगा राहुल ने जोर जोर से चिल्ला कर गाँव वालो को बुलाया और टिंकू के बारे में बताया और कहा वो इशी नदी में डूब गया. सारे गाँव वालो ने कहा ये कैसे हो सकता है टिंकू तो १ साल पहले ही ish नदी में डूब कर मर गया था इतना सुनते ही राहुल के होश उढ़ गए और वो १५ दिनों तक बीमार रहा uske बाद वो वापस सहर आ गया. 

Monday, 4 April 2011

World Cup Trophy

टीम इंडिया ने वर्ल्ड कप जीत कर ये बता दिया की इश खेल में ये टीम बेस्ट है. पर अभी हाल की जानकारी से पता चला है की टीम इंडिया को जो ट्राफी मिली है वो नकली है, ये बहुत शर्म की बात है की, ये टीम इंडिया के साथ बहुत बड़ी नाइंसाफी हुई है. इडिया के हर एक नागरिक को इसका विरोध करना चाहिए. टीम इंडिया ने तो वर्ल्ड कप पूरे इमानदारी से खेल कर जीता तो उसके साथ बैमानी क्यों?