
स्कूल में एक विषय पढाया जाता है "Moral Science" यानी नैतिक शिक्षा ! इसमें यह सिखाया जाता है की झूट न बोले, लड़ाई झगडा न करे, अपशब्दों का प्रयोग न करे, बड़ो से तमीज से बात करे, छोटो को प्यार दे और अगर कोई आपको बुरा कहता है, तब भी खामोस रहकर अपनी गरिमा बनाये रखे ! इश विषय में नंबर लाना भी आसान होता है क्यूंकि अमूमन ये बाते बच्चे घर में ही सीख लेते है ! पर ज्योही हम समझदारी की दलदल में फसते है नैतिक शिक्षा हमारे लिए बेमानी हो जाती है ! आज राजनेता इस कम में सबसे आगे दिख रहे है !

बड़े-बड़े मंचो पर बोलने वाले छोटी-छोटी पार्टिया हो या फिर छोटे छोटे मिके पर चिल्लाने बड़े नेता, अध्यक्ष हो या कार्यकर्ता, ऐसा लगता है की सभी नैतिक शिक्षा में बुरी तरह पिछडे हुए है ! कहते है, एक बच्चा बड़ा होकर क्या बनेगा, यह उसकी बचपन की गतिविधियों से ही पता चल जाता है ! येही वजह है की जितने भी आदर्श पुरुष हुए है, उनमे कुछ ख़ास तरह की समानताये देखि जाती है, मसलन वे पहले सुबह उठ जाते है, रात को लंप पोस्ट के नीचे बैठ कर पढ़ते है मिलो तक पढाई के लिए पैदल चलते थे आदि या फिर इसके बिलकुल उलट वे दिन रात में फर्क नही करते थे, मनमौजी थे, घुमक्कड़ थे आदि !यानी हर महँ इंसान मौलिक रूप से एक sa होता है ऐसे में यह कहने में गुरेज़ नही की राजनेताओ की फ़िल्मी जैसी हंसी, गुन्नी मुस्कान और निकला हुआ पेट उनके एक ऐसे बचपन और ऐसी जीवनचर्या दर्शाती है ! इन नेताओ की विचारधारा कैसी है, स्कूल की पढाई किस तरह हुई और नैतिक शिक्षा में वे कितने निपुड है, इसकी गवाह उनके दिए गये बयान है ! उनकी जुबान और उनके बयान कभी-कभी इतने स्तरहीन होते है की किसी सी-ग्रेड हिंदी फिल्म का स्क्रिप्टराइटर भी शर्मसार हो जाये !
YOGESH JI AISI BAAT NAHI HAI KI YE NETA ANPAD HOTE HAIN YA INME NAITIC SHIKCHHA NAHI HOTI HAI..
ReplyDeleteLEKIN JAB YE NETA-GIRI YA RAJNITI ME UTRTE HAI TO INKI JUBA APNE AAP GANDDI HO JATI HAI...QKI RAJNITI KHUD APNE ME HI BAHOT HI JYADA GANDI LINE HAI..TO JAHIR SI BAAT HAI KI ISSE JUDE HUYE INSAAN SE HUME NAITIC SHIKCHHA KI UMMID NAHI RAKHNI CHAHIYE......
OR RAHI BAAT PAHLE KE NETAO KI TO PAHLE KE NETAO KI BAAT JOD DIJIYE PAHLE KE NETA DESH OR JANTA KI BHALAI KE LIYE LADTE THE....OR AAJ KE NETA SIRF OR SIRF APNE LIYE LADTE HAIN........DESH WA JANTA KI BHALAI KE LIYE NAHI.....
ReplyDeleteneta ager naitic sikchha sikh le to bharat ki takdeer hi badal jayegi.
ReplyDelete