कुछ समय पूर्व वन अवम पर्यावरण मंत्रालय द्वारा निर्माण सम्बन्धी नियमो की अनदेखी के लिए आदर्श सोसाइटी इमारत को पूरी तरह गिराने के निर्देश जारी किये गए थे ! साथ ही यह भी बताया गया था की मंत्रालय के समक्ष चार विकल्प थे - मालिको पर नियमो के उल्लंघन के लिए दंड लगाना , इमारत का सरकार द्वारा अधिग्रहण , अनुमति से ऊपर बने गयी मंजिलो का ध्वंस अथवा पूरी की पूरी इमारत ढहा देना ! इनमे से उसे अंतिम विकल्प ही उचित लगा ! क्या इमारत ढहा देने से नुक्सान की भरपाई हो सकेगी ? मंत्रालय के इस निर्णय से सहमत हुआ जा सकता है ? शायद नही, तो फिर ऐसे आदेश का क्या औचित्य था ? Sunday, 12 June 2011
आदर्श सोसाइटी
कुछ समय पूर्व वन अवम पर्यावरण मंत्रालय द्वारा निर्माण सम्बन्धी नियमो की अनदेखी के लिए आदर्श सोसाइटी इमारत को पूरी तरह गिराने के निर्देश जारी किये गए थे ! साथ ही यह भी बताया गया था की मंत्रालय के समक्ष चार विकल्प थे - मालिको पर नियमो के उल्लंघन के लिए दंड लगाना , इमारत का सरकार द्वारा अधिग्रहण , अनुमति से ऊपर बने गयी मंजिलो का ध्वंस अथवा पूरी की पूरी इमारत ढहा देना ! इनमे से उसे अंतिम विकल्प ही उचित लगा ! क्या इमारत ढहा देने से नुक्सान की भरपाई हो सकेगी ? मंत्रालय के इस निर्णय से सहमत हुआ जा सकता है ? शायद नही, तो फिर ऐसे आदेश का क्या औचित्य था ?
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
औचित्य तो था ...मालिको पर नियमो के उल्लंघन के लिए दंड लगाने से कई बड़े नाम सामने आ जाते ..इससे बेहतर तो यही है की पूरी की पूरी इमारत ही ढहा दी जाए...ये भ्रष्टतंत्र है भाई जो लोकतंत्र की आड़ में फलता फूलता है...
ReplyDelete